राजस्थान के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित ‘अम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना’ (Ambedkar DBT Voucher Yojana) प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए एक बड़ा संबल बनकर उभरी है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य अपने गृह स्थान से दूर रहकर जिला मुख्यालयों के राजकीय महाविद्यालयों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को आवास, भोजन और बिजली-पानी जैसी आवश्यक सुविधाओं के लिए वित्तीय सहयोग देना है।
योजना के तहत मिलने वाला लाभ :
- मासिक सहायता: चयनित विद्यार्थियों को ₹2,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
- अधिकतम अवधि: यह लाभ एक शैक्षणिक सत्र में अधिकतम 10 माह तक मिलता है।
- वार्षिक लाभ: छात्रों को प्रति वर्ष कुल ₹20,000 तक का प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।
- भुगतान का माध्यम: सहायता राशि सीधे छात्रों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाती है।
📊 वर्गवार सीटों का वर्गीकरण (कुल वार्षिक लक्ष्य: 5,000 छात्र)
राज्य सरकार ने योजना के तहत हर साल 5,000 विद्यार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें सामाजिक संतुलन के लिए सीटों का वर्गीकरण इस प्रकार है:
- अनुसूचित जाति (SC): 1,500 छात्र
- अनुसूचित जनजाति (ST): 1,500 छात्र
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 750 छात्र
- अति पिछड़ा वर्ग (MBC): 750 छात्र
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 500 छात्र
📋 पात्रता और मुख्य शर्तें
- संकाय: कला, विज्ञान एवं वाणिज्य (Commerce) तीनों संकायों के स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) स्तर के नियमित छात्र पात्र हैं।
- संस्थान: छात्र केवल राजकीय (Government) महाविद्यालयों में अध्ययनरत होना चाहिए।
- आवास शर्त: छात्र अपने घर से दूर जिला मुख्यालय पर किराए का मकान लेकर या पेइंग गेस्ट (PG) के रूप में रह रहा हो। सरकारी हॉस्टल में रहने वाले छात्र इसके पात्र नहीं हैं।
- पारिवारिक आय सीमा: SC/ST/MBC के लिए वार्षिक आय ₹2.50 लाख, OBC के लिए ₹1.50 लाख और EWS के लिए ₹1.00 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
📈 ढाई साल की बड़ी उपलब्धि
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, विगत ढाई वर्षों में राजस्थान सरकार इस योजना के तहत 11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय कर चुकी है, जिससे 7,314 छात्रों को सीधा लाभ पहुँचाया गया है।