जल जीवन मिशन
शुरुआत – 15 Aug 2019
लक्ष्य – घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 2024 तक प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 55 लीटर जल उपलब्ध कराना।
नोडल मंत्रालय : जल शक्ति मंत्रालय
वित्तीय प्रारूप – केंद्र प्रायोजित योजना
- केंद्र : हिमालयी व पूर्वोत्तर राज्य – 90 : 10
- केंद्र : अन्य राज्य – 50 : 50
- केंद्रशासित प्रदेश – 100% केंद्र द्वारा
केंद्रीय बजट 2025 – 26 में जल जीवन मिशन (JJM) की अवधि को वर्ष 2028 तक बढ़ा दिया गया है। वर्ष 2024 तक इस मिशन में 80% (15 करोड़ ) ग्रामीण परिवारों को शामल किया गया था, अब बचे 20% परिवारों के लिए इस मिशन की अवधि बढ़ाकर 2028 कर दी गयी है।
उद्देश्य :
- प्रत्येक ग्रामीण परिवार को घरेलू नल से जल का कनेक्शन (FHTC) उपलब्ध करना।
- पानी की गुणवत्ता प्रभावित हिस्सों, सूखाग्रस्त इलाकों, रेगिस्तानों क्षेत्रों और सांसद आदर्श ग्राम योजना (SAJY) वाले गावों में घरेलू नल से जल का कनेक्शन के प्रावधान को प्राथमिकता देना।
- विद्यालयों, आगनबाड़ी केन्द्रो, ग्राम पंचायतों भवनों, स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्रो और सामुदायिक भवनों में नल से जल सुनिश्चित करना।
- जल स्रोतों, बुनियादी ढांचे और नियमित संचालन तथा रखरखाव के लिए वित्तपोषण सहित जल आपूर्ति प्रणालियों की स्थिरता सुनिश्चित करना।
- सुरक्षित पेयजल के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना और स्वच्छ जल को सभी की जिम्मेदारी बनाने के लिए हितधारकों को शामिल करना।
जल जीवन मिशन का विस्तार और पुनर्गठन –
◆ कैबिनेट ने जल जीवन मिशन (JJM) की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने को मंजूरी दी है। साथ ही बजट बढ़ाकर इसे JJM 2.0 के रूप में पुनर्गठित किया जाएगा, जिसका ध्यान ग्रामीण पेयजल आपूर्ति क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों पर रहेगा।
◆ कैबिनेट ने मिशन की कुल लागत बढ़ाकर ₹8.69 लाख करोड़ रुपये करने को मंजूरी दी है। इसमें केंद्र सरकार की सहायता ₹3.59 लाख करोड़ रुपये होगी, जो पहले 2019–20 में स्वीकृत ₹2.08 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
◆ मिशन का पुनर्गठन करते हुए अब इसका ध्यान केवल बुनियादी ढांचा बनाने से हटाकर सेवा प्रदान करने पर होगा, जिसमें पेयजल प्रबंधन और संस्थागत व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सतत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
◆ पूरे देश में पेयजल आपूर्ति प्रणाली को स्रोत से लेकर नल तक डिजिटल रूप से मैप करने के लिए “Sujalam Bharat” नामक एक समान राष्ट्रीय डिजिटल फ्रेमवर्क लागू किया जाएगा।
◆ जल जीवन मिशन 2.0 के तहत दिसंबर 2028 तक देश के सभी 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल से जल कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्रिमंडल निर्णय: 10-03-2026
◆ कैबिनेट ने जल जीवन मिशन (JJM) की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने को मंजूरी दी है। साथ ही बजट बढ़ाकर इसे JJM 2.0 के रूप में पुनर्गठित किया जाएगा, जिसका ध्यान ग्रामीण पेयजल आपूर्ति क्षेत्र में संरचनात्मक सुधारों पर रहेगा।
◆ कैबिनेट ने मिशन की कुल लागत बढ़ाकर ₹8.69 लाख करोड़ रुपये करने को मंजूरी दी है। इसमें केंद्र सरकार की सहायता ₹3.59 लाख करोड़ रुपये होगी, जो पहले 2019–20 में स्वीकृत ₹2.08 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
◆ मिशन का पुनर्गठन करते हुए अब इसका ध्यान केवल बुनियादी ढांचा बनाने से हटाकर सेवा प्रदान करने पर होगा, जिसमें पेयजल प्रबंधन और संस्थागत व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सतत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
◆ पूरे देश में पेयजल आपूर्ति प्रणाली को स्रोत से लेकर नल तक डिजिटल रूप से मैप करने के लिए “Sujalam Bharat” नामक एक समान राष्ट्रीय डिजिटल फ्रेमवर्क लागू किया जाएगा।
◆ जल जीवन मिशन 2.0 के तहत दिसंबर 2028 तक देश के सभी 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल से जल कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्रिमंडल निर्णय: 10-03-2026
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