शुरुआत – 19 फरवरी 2019 से
मंत्रालय – नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
उद्देश्य – मार्च 2026 तक लगभग 34800 मेगावाट सौर क्षमता जोड़ना
सौर पम्पों और ग्रिड से जुड़े सौर सयंत्रो की स्थापना के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान “कुसुम” योजना का संचालन किया जा रहा है।
घटक-ए:-
- बंजर भूमि पर 10,000 मेगावाट के विकेंद्रीकृत ग्रिड से जुड़े अक्षय ऊर्जा बिजली संयंत्रों की स्थापना। इस घटक के तहत, 500 किलोवाट से 2 मेगावाट क्षमता के अक्षय ऊर्जा आधारित बिजली संयंत्र (आरईपीपी) व्यक्तिगत किसानों/किसानों के समूह/सहकारी समितियों/पंचायतों/किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ)/जल उपयोगकर्ता संघों (डब्ल्यूयूए) द्वारा बंजर/परती भूमि पर स्थापित किए जाएंगे।
- राज्य विद्युत विनियामक आयोग निर्धारित दरों पर सौर ऊर्जा खरीदेंगे।
घटक-बी:-
- 17.50 लाख स्टैंड-अलोन सौर कृषि पंपों की स्थापना। इस घटक के तहत, व्यक्तिगत किसानों को ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में मौजूदा डीजल कृषि पंपों/सिंचाई प्रणालियों के प्रतिस्थापन के लिए 7.5 एचपी तक की क्षमता के स्टैंडअलोन सौर कृषि पंप स्थापित करने के लिए समर्थन दिया जाएगा, जहां ग्रिड आपूर्ति उपलब्ध नहीं है। 7.5 एचपी से अधिक क्षमता के पंप भी स्थापित किए जा सकते हैं, हालांकि, वित्तीय सहायता 7.5 एचपी क्षमता तक ही सीमित होगी।
घटक-सी:-
- 10 लाख ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों के सौरीकरण के लिए। इस घटक के तहत, ग्रिड से जुड़े कृषि पंप वाले व्यक्तिगत किसानों को पंपों को सौरीकरण करने के लिए समर्थन दिया जाएगा। किसान सिंचाई की जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पन्न सौर ऊर्जा का उपयोग करने में सक्षम होंगे और अतिरिक्त सौर ऊर्जा को डिस्कॉम को पूर्व-निर्धारित टैरिफ पर बेचा जाएगा।
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