राजस्थान के 5 लोक कलाकारों को पद्म पुरस्कार

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राजस्थान पद्म पुरस्कार – 2024  

हाल ही में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा वर्ष 2024 के लिए चयनित हस्तियों को पद्म पुरस्कार प्रदान किये गए जिनमे राजस्थान से 5 लोक कलाकारों को 4 पद्म श्री से सम्मानित किया गया। जो निम्न है –

  1. जानकीलाल – बहरूपिया कलाकार
  2. लक्ष्मण भट्ट तैलंग – ध्रुपद गायक
  3. अली मोहम्मद तथा गनी मोहम्मद (जोड़ी) – मांड गायक
  4. माया टंडन – सड़क सुरक्षा

⇒ बीकानेर के तेजरासर गांव के निवासी अली मोहम्मद एवं गनी मोहम्मद बन्धुओं ने संगीत की मांड गायकी कला को फ़िल्मी संगीत एवं विदेशी मंचो तक पहुंचाया है।

⇒ मांड गायन शैली- प्राचीन काल में राजस्थान का जैसलमेर क्षेत्र ही मांड क्षेत्र कहलाता था और यहां विकसित गायन शैली ही मांड गायन शैली कहलायी। यह एक शृंगार प्रधान गायन शैली है जिसका उपयोग लोक गीतों में किया जाता है। मांड राजस्थान की गायन शैलियों में सर्वाधिक लोकप्रिय शैली है। प्रसिद्ध मारवाड़ी गीत “केसरिया बालम आवो नी पधारो म्हारे देश” की भी गायन शैली मांड ही है। इस गायन शैली की प्रमुख गायिकाएं – अल्ला जिल्हा बाई (बीकानेर), गवरी देवी (पाली), गवरी देवी (बीकानेर), मांगी बाई (उदयपुर), जमीला बानो (जोधपुर)

⇒ जानकीलाल – बहरूपिया कलाकार का संबंध राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से है।

पद्म पुरस्कार 

पद्म पुरस्कार 1954 में तीन श्रेणियों – पद्म विभूषण, पद्म भूषण एवं पद्म श्री में प्रारम्भ किये गए थे। इन पुरस्कारों की घोषणा प्रति वर्ष 26 जनवरी के अवसर पर की जाती है।

  1. पद्म विभूषण – ‘असाधारण एवं विशिष्ट सेवा’ के लिए
  2. पद्म भूषण – ‘उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा’ के लिए
  3. पद्म श्री – ‘विशिष्ट सेवा के लिए’  प्रदान किया जाता है।

वर्ष 2024 के लिए दो युगल मामलो सहित कुल 132 पद्म पुरस्कार दिए गए है, जिनमे 5 पद्म विभूषण, 17 पद्म भूषण एवं 110 पद्म श्री पुरस्कार शामिल है।

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