विश्वास प्रस्ताव (Confidence Motion) क्या है ?
जब मुख्यमंत्री या सरकार को यह साबित करना होता है कि सदन (विधानसभा) में उनके पास पूर्ण बहुमत है, तब सरकार की ओर से विश्वास प्रस्ताव लाया जाता है। यदि यह प्रस्ताव गिर जाता है, तो सरकार को इस्तीफा देना पड़ता है।
📌 ध्यान दें: ‘अविश्वास प्रस्ताव’ (No-Confidence Motion) विपक्ष द्वारा सरकार को गिराने के लिए लाया जाता है, जबकि ‘विश्वास प्रस्ताव’ (Confidence Motion) सत्ता पक्ष (सरकार) द्वारा अपना बहुमत साबित करने के लिए लाया जाता है।
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राजस्थान विधानसभा: विश्वास प्रस्ताव का इतिहास
राजस्थान विधानसभा में अब तक कुल 5 बार विश्वास प्रस्ताव लाए जा चुके हैं। इसका पूरा विवरण नीचे दी गई तालिका में है:

| क्र.सं. | मुख्यमंत्री एवं विधानसभा | प्रस्तावक (Mover) | तारीख | परिणाम (Result) |
|---|---|---|---|---|
| 1 | भैरों सिंह शेखावत (9वीं) | भैरों सिंह शेखावत (BJP) | 23-03-1990 | पारित (ध्वनि मत द्वारा) |
| 2 | भैरों सिंह शेखावत (9वीं) | ओम प्रकाश गुप्ता व शेखावत (BJP) | 08-11-1990 | पारित (पक्ष: 116, विपक्ष: 80) |
| 3 | भैरों सिंह शेखावत (10वीं) | भैरों सिंह शेखावत (BJP) | 31-12-1993 | पारित (पक्ष: 108, विपक्ष: 00) |
| 4 | अशोक गहलोत (13वीं) | अशोक गहलोत (INC) | 03-01-2009 | पारित (ध्वनि मत द्वारा) |
| 5 | अशोक गहलोत (15वीं) | शांति कुमार धारीवाल (INC) | 14-08-2020 | पारित (ध्वनि मत द्वारा) |
महत्वपूर्ण तथ्य :
✅ सबसे अधिक 3 बार विश्वास मत प्राप्त करने वाले मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत रहे हैं।
✅ वर्ष 2020 में राजनीतिक संकट के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विश्वास मत प्राप्त किया था।
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