Ramsar Sites in Rajasthan

हाल ही में राजस्थान की सिलीसेढ़ झील (अलवर) एवं कोपरा जलाशय (छत्तीसगढ़ ) को रामसर साइट घोषित किया गया है। इसी के साथ सिलीसेढ़ झील राज्य की 5वीं एवं देश की 96वीं रामसर साइट बन चुकी है।
- केवलादेव (भरतपुर ) – 1981
- सांभर (जयपुर ) – 1990
- खींचन (फलौदी)- 05 जून 2025
- मेनार गांव (उदयपुर) – 05 जून 2025
- सिलीसेढ़ झील (अलवर) – 12 दिसंबर 2025
1. केवलादेव घना पक्षी विहार –
- केवलादेव राजस्थान के भरतपुर में स्थित एक आर्द्रभूमि, पक्षी अभ्यारण्य और राष्ट्रीय उद्यान है।
- इसे 1981 में राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा दिया गया।
- 1981 में ही इसे चिल्का झील (ओडिशा ) के साथ रामसर साइट घोषित किया गया एवं यह राज्य की पहली रामसर साइट बनी।
- 1985 में इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल सूची में शामिल किया गया।
- प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध।
2. सांभर झील –
- यह झील भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की अंतर्देशीय झील है।
- विस्तार – जयपुर, अजमेर व डीडवाना – कुचामन
- इसे 1990 में राजस्थान में रामसर स्थल के रूप में मान्यता दी गयी।
- यह फ्लेमिंगो, पेलिकन जसे प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है।
3. खींचन – फलौदी :-
- खींचन, फलौदी जिले का एक गांव है।
- यह प्रवासी पक्षी डेमोइसेल क्रेन के लिए प्रसिद्ध है।
4. मेनार पक्षी गाँव –
- यह उदयपुर में स्थित है।
- इसे जून 2025 में रामसर स्थल के रूप में मान्यता दी गयी थी।
- यह अपने समुदाय के नेतृत्व वाले पक्षी संरक्षण प्रयासों के लिए जाना जाता है।
5. सिलीसेढ़ झील (अलवर) :
- अरावली की पहाड़ियों में स्थित।
- निर्माण : 1845 में महाराजा विनय सिंह द्वारा
- यहां स्थित महल में वर्तमान RTDC द्वारा होटल संचालित किया जा रहा है।
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आर्थिक विकास के मुख्य सूचक
September 23, 2025